लगातार दो अभ्यास मैचों में हार, कई नामचीन खिलाड़ियों की कमी, शायद कप्तान रिकी पोंटिंग के आत्मविश्वास में कमी और भी न जाने क्या-क्या। इस बार आस्ट्रेलियाई टीम की स्थिति ऐसी ही दिख रही है। इसलिए मन में सवाल पैदा हो रहे हैं
क्या यह टीम वल्डॆ कप के लीग मैचों से आगे बढ़ पाएगी?
क्या इस बार कोई अदना सी टीम इस भारी-भरकम टीम को मुंह की खाने पर विवश कर देगी?
क्या जीत की हैट्रिक बनाने वाली टीम का इस बार के वल्डॆ कप में ..चौथा.. हो जाएगा?
क्या रिकी पोंटिंग का जलवा इस बार भी दुनिया देखेगी?
क्या सचमुच में आस्ट्रेलियाई दबदबे का यह आखिरी साल है?
क्या आस्ट्रेलियाई धुरधंरों में वह दमखम नहीं रह गया है?
क्या कोई नई टीम अब विश्व क्रिकेट में अब अगुआ बनेगी?
क्या बिना बहुमुखी प्रतिभा के खिलाड़ियों संग विश्व कप नहीं जीता जा सकता?
मैंने इतने सरे सवाल उठाये हैं, देखें इसका जवाब कौन देता है।
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